इमाम हुसैन की शहादत जुल्म के खिलाफ सबसे बड़ा इंकलाब
सिद्धार्थ, जुलाई 24 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित वक्फ बोर्ड इमामबाड़ा में अंजुमन फरोग मातम के बैनर तले चल रही मजलिस को कश्मीर से आए मौलाना गुलाम रसूल नूरी ने बुधवार रात संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैदान ए कर्बला में इमाम हुसैन की हुई शहादत जुल्म के खिलाफ सबसे बड़ा इंकलाब है।उन्होंने कहा कि रसूले खुदा हज़रत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन इराक़ के कर्बला में दस मोहर्रम यौमे आशूरा के दिन शहीद हुए थे। इमाम हुसैन से उस वक्त का यजीद नामक शासक चाहता था कि उसके हुक्म के मुताबिक शासन को सही माने लेकिन इस्लाम धर्म के मानक पर उसे खरा नहीं उतरता देख इमाम हुसैन ने कुबूल नहीं किया। इससे नाराज होकर उसने इमाम हुसैन व साथियों पर कई प्रकार की परेशानियां डाली ताकि वह झुक कर मेरी तरफ आए। उन्होंने अपना सिर कटा...
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