बागपत, मई 26 -- बड़ौत। सड़क हादसे के बाद अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी हो या फिर हार्ट अटैक के बाद सही समय इलाज मिलने में देरी। इस गोल्डन ऑवर में मरीज अस्पताल तो पहुंचा दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें समय पर वे आवश्यक मेडिसिन नहीं मिल पाती जिनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। यही कारण है कि 90 फीसदी ऐसे आपातकाल में आये केस में मरीज को रेफर कर दिया जाता है। आपात स्थिति में इलाज न मिले तो मरीज की जान पर बन आती है और होता भी ऐसा ही है। जिले में होने वाले सड़क हादसों, हार्ट अटैक के 80 फीसदी घायलों, मरीजों की मौत इसी गोल्डन ऑवर में इलाज न मिलने के कारण हो रही है। इसके चलते बड़ी संख्या में घायल या फिर मरीज की जान चली जाती है। चिकित्सकों के अनुसार दुर्घटना या फिर सड़क हादसों के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसमें सही इलाज और प्रबंधन से ना...