गोपालगंज, मार्च 15 -- कुचायकोट। एक संवाददाता माहे रमजान अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। रोजे का आखिरी सप्ताह शुरू होते ही रोजेदारों की इबादतों में और अधिक बढ़ोतरी हो गई है। मस्जिदों में नमाजियों की संख्या बढ़ गई है। लोग ज्यादा से ज्यादा समय इबादत, कुरान की तिलावत और दुआओं में गुजार रहे हैं। रमजान के आखिरी अशरे को इस्लाम में विशेष महत्व दिया गया है। यही कारण है कि रोजेदार इस दौरान पूरी लगन और श्रद्धा के साथ अल्लाह की इबादत में जुटे हुए हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज के लिए रोज बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंच रहे हैं। कई लोग एतिकाफ में भी बैठ गए हैं और मस्जिदों में रहकर दिन-रात इबादत कर रहे हैं। स्थानीय मस्जिद के मौलाना सह कॉलेज के प्राध्यापक प्रो. इफ्तेखार अहमद बताते हैं कि रमजान का आखिरी अशरा जहन्नुम से निजात और अल्लाह की रहमत पाने...
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