बाराबंकी, मार्च 5 -- देवा शरीफ। इबादत, रहमत, बरकत, बख्शीश और तौबा करने का बेहतरीन मुकद्दस महीना रमजान शरीफ है। रमजान में कुरान पाक नाजिल हुआ। इस महीने में शबे कद्र की कुछ मुकद्दस लेट होती हैं। जिसमें जितनी भी इबादत की जाए कम है रमजान में मुसलमान भाई रोजा रखते हैं नमाज, तराबी पढ़ते, कुरान पाक की तिलावत करते है। रमजान शरीफ में रोजा रखने के साथ-साथ नमाज पढ़ना जरूरी है। अगर कोई रोजा रखता है और नमाज नहीं पड़ता है तो उसका रोजा नहीं माना जाता है। रमजान शरीफ के मौके पर रोजा रखने के साथ-साथ कुरान पाक की तिलावत करना, कुरान पाक पढ़ना, नमाज पढ़ना बहुत जरूरी है। रमजान शरीफ में एक कुरान पाक खत्म करना दीगर महीनों में 70 कुरान पाक खत्म करने के बराबर है। इसी तरह एक नफ़ल नमाज पढ़ना दीगर महीनों में 70 नफिल नमाज के बराबर है। -- मुकद्दस रमजानइफ्तार (6 मार्च) रोजा शु...