पलामू, मई 11 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। इप्टा ने सांस्कृतिक पाठशाला की 95वीं कड़ी जनवादी शायर कैफी आजमी को समर्पित रही। जल संकट और समाधान की रणनीति विषय पर आयोजित संवाद में वक्ताओं ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में जल संकट के बढ़ते खतरे, उसके कारणों और समाधान पर गंभीर चर्चा हुई। साथ ही इस संकट के समाधान के लिए व्यापक संघर्ष की जरूरत पर बल दिया गया। सेसा के चेयरपर्सन कौशिक मलिक ने कहा कि दुनिया में 70-75 प्रतिशत जल होने के बावजूद मानव और जीव-जगत के उपयोग के लिए मात्र एक प्रतिशत जल ही उपलब्ध है। पहले समाज में कुंड, कुएं, तालाब और पोखरों की परंपरा थी, जो धीरे-धीरे समाप्त होती गई। यह भी पढ़ें- इप्टा के सांस्कृतिक पाठशाला में जल संकट पर संवाद इसके बाद बोरिंग संस्कृति आई और अब पानी बोतलों में सिमट गया है। पहले ...