पलामू, मई 11 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। इप्टा ने संचालित सांस्कृतिक पाठशाला की 95वीं कड़ी जनवादी शायर कैफी आजमी को समर्पित रही। जल संकट और समाधान की रणनीति विषय पर आयोजित संवाद में वक्ताओं ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में जल संकट के बढ़ते खतरे, उसके कारणों और समाधान पर गंभीर चर्चा हुई। यह भी पढ़ें- उर्दू अदब के अमर शायर कैफी आजमी की मनायी गई 24वीं पुण्यतिथिजल संकट पर चर्चा सेसा के चेयरपर्सन कौशिक मलिक ने कहा कि दुनिया में 70-75 प्रतिशत जल होने के बावजूद मानव और जीव-जगत के उपयोग के लिए मात्र एक प्रतिशत जल ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में कुंड, कुएं, तालाब और पोखरों की परंपरा थी, जो धीरे-धीरे समाप्त होती गई। इसके बाद बोरिंग संस्कृति आई और अब पानी बोतलों में सिमट गया है। पहले ऊपर का पानी खत्म हुआ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.