अररिया, जून 19 -- अररिया, वरीय संवाददाता। रेजा दीदी का संघर्ष आज ग्रामीण गरीब महिलाओं के लिए अनुकरणीय बन चुकी है। अररिया जिले के पलासी प्रखंड स्थित बेलवाड़ी निवासी रेजा ने दिखा दिया कि मजबूत इरादा हो तो राह के रोड़े भी साथ देने लगते हैं। आर्थिक तंगी से घबराने की वजाय रेजा दीदी ने उसे मजबूत हथियार बनाते हुए आगे बढ़ी। पहले जीविका दीदी से जुड़ी फिर कड़ी मेहनत व बुलंद हौंसले से अपनी जिंदगी बदलकर एक मिसाल पेश की । आज रेजा दीदी की चर्चा दूसरी जीविका दीदियां भी कर रही हैं। आखिर करे भी क्यों नहीं इन सबों के लिए आइकॉन जो बनी हैं। रेजा बताती हैं कि शादी के बाद आर्थिक तंगी के कारण उन्हें ससुराल छोड़कर अपने मायके में माता-पिता के साथ रहना पड़ा। लेकिन मायके की भी माली हालत भी ठीक नहीं थी, जिसके कारण दीदी को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक तंगी क...