मेरठ, मई 28 -- ईद-उल-अजहा पर शाही ईदगाह में कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने मुसलमानों को इत्तेहाद, भाईचारे और सामाजिक एकता का पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज का असल मकसद यह है कि मुसलमान एक स्थान पर इकट्ठा होकर अल्लाह की इबादत करें, आपसी मोहब्बत और भाईचारे को बढ़ावा दें और एकता का प्रदर्शन करें। कहा कि आज छोटी-छोटी मस्जिदों और अलग-अलग स्थानों पर ईद की नमाज होने लगी। इससे ईद की नमाज का मूल उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं हो पा रहा है। बिरादरीवाद और गुटबाजी को समाज के लिए बड़ी लानत बताते हुए कहा कि मुसलमानों को छोटे छोटे समूहों में बंटने से बचना चाहिए। यह भी पढ़ें- मेरठ : इत्तेहाद ही मुसलमानों की सबसे बड़ी ताकत, बिरादरीवाद समाज को कमजोर कर रहा : शफ़ीक़ुर्रहमान कुरआन की शिक्षा का हवाला देते हुए कहा कि आपसी झगड़े और बंटवारे से ताकत कमजोर होती ...