नई दिल्ली, जून 2 -- अफगानिस्तान में दशकों पुराने भू-राजनीतिक समीकरण फिर से बदलते नजर आ रहे हैं। सोवियत संघ के साथ लंबे युद्ध के बाद रूस ने तालिबान शासन के साथ अपना अब तक का सबसे महत्वपूर्ण रक्षा-संबंधी समझौता कर लिया है। 27 मई को हस्ताक्षरित इस समझौते के समय अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। इस साल फरवरी में पाकिस्तान द्वारा काबुल, कंधार समेत कई अफगान शहरों पर किए गए सैन्य हमलों के बाद दोनों पड़ोसी देशों के संबंध वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे। अमेरिका ने पाकिस्तान की इन कार्रवाइयों का समर्थन करते हुए इसे 'आत्मरक्षा का अधिकार' बताया। इसी पृष्ठभूमि में तालिबान ने रूस को रणनीतिक साझेदार के रूप में देखना शुरू किया है।तकनीकी सहयोग पर आधारित समझौता समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन दोनों पक्षों ने इ...