इटावा औरैया, फरवरी 16 -- क्षेत्र के ग्राम आनेपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा प्रवक्ता पुनीत मिश्र ने महारास के पांच अध्यायों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि ये पांच अध्याय भागवत के पंच प्राण हैं। कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान और कंस वध का वर्णन किया गया। इसके साथ ही महर्षि सांदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करने का प्रसंग भी सुनाया गया। कालयवन वध और उद्धव-गोपी संवाद का भी उल्लेख हुआ। आचार्य ने ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाने, द्वारका की स्थापना और रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण व्याख्यान किया। श्रीकृष्ण और रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी भक्तों को आनंदित किया। आचार्य ने कहा कि जो भक्त ईश्वर प्रेम में आनंदित होते हैं और श्रीकृष्ण-रूक्मिणी के विवाह में शा...