इटावा औरैया, अगस्त 28 -- राष्ट्रीय फाइलेरिया विलोपन कार्यक्रम के तहत 10 से 28 अगस्त तक एमडीए-आइडीए अभियान चलाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा खिलायी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है। इससे बचाव के लिए साल में एक बार डीईसी, आइवरमेक्टिन और एल्बेंडाजोल टैबलेट की खुराक लेना जरूरी है। ग्राम कैस्त में आयोजित कार्यक्रम में सुपरवाइजर अब्दुल रज्जाक और आशा कार्यकर्ता शशिप्रभा ने ग्रामीणों को दवा का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और यह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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