भदोही, अप्रैल 2 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। ग्रामीण अंचलों के शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार का ऐसा ग्रहण लगा कि इज्जतघर धराशायी हो गए। अत्यधिक गांव में बने शौचालय ध्वस्त हो गए हैं। किसी का रवाजा टूटा है तो कोई क्षतिग्रस्त हो गया है। ज्यादातर शौचालय के गड्डा धक्कन विहीन हो गए हैं। शौचालय क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण खुले में शौच करने को विवश हो रहे हैं। स्वच्छ व स्वस्थ भारत अभियान के तहत करोड़ों रुपया पानी की तरह बह गया। लेकिन हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। खुले में शौच जाने से रोकने की दिशा में हर गांव में जनसंख्या के आधार पर शौचालय का निर्माण कराया गया था। आज भी सैकड़ों गांव में हजारों शौचालय अधर में लटके पड़े हैं। शौचालय निर्माण को पात्रों को 12 हजार रुपया आर्थिक सहायता के रुप में मिला था जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। यहीं कारण है कि शौचालय ...
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