नई दिल्ली, फरवरी 26 -- हर्ष वी पंत,प्रोफेसर, किंग्स कॉलेज लंदन तेजी से बदलती वैश्विक भू-राजनीति के इस दौर में भारत और इजरायल का रिश्ता कितना परिपक्व हुआ है, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेल अवीव दौर से पता चलता है। अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव और गाजा संघर्ष की छाया में 25-26 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी इजरायल में थे। वहां न सिर्फ बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनके निजी रिश्ते की झलक मिली, बल्कि रणनीतिक नजरिये से द्विपक्षीय रिश्ते की अहमियत भी अधिक पुष्ट हुई। गुरुवार को जारी साझा बयान में इजरायल से रक्षा, एआई, कृषि सहित कई क्षेत्रों में समझौते की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के साथ 'विशेष रणनीतिक रिश्ते' की बात भी कही। वास्तव में, 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के बाद से दोनों देशों ने सुरक्षा हितों और आर्थिक तालमेल बढ...