नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- इजरायल के चुनावों में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट से पीछे चल रहे हैं। फिर भी वे आइजेनकोट के साथ एकता वाली सरकार और रोटेशन डील करके फिर प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कर सकते हैं। यह वही सियासी खेल है, जो बिहार में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच खेला गया था। हालांकि बाद में नीतीश ने मुख्यमंत्री बनाने का वादा तोड़ दिया था और खुद कुर्सी संभाल ली थी। अब इजराइल में भी सवाल उठ रहा है कि क्या नेतन्याहू नीतीश वाला दांव चलेंगे? वे पहले प्रधानमंत्री बनेंगे और बाद में समझौता तोड़कर सत्ता अपने पास रखेंगे? खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस आइडिया को समर्थन देते नजर आ रहे हैं। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू के सहयोगी, जिनमें उनकी लिकुड पार्टी के सद...