रणविजय सिंह, मार्च 16 -- हरीश राणा की इच्छामृत्यु के लिए एम्स में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीते 13 वर्षों से मरणासन्न की स्थिति में पड़े गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा को ट्यूब के जरिये खाना (पोषण) देना बंद कर दिया गया है। मंगलवार को पानी देना भी बंद कर दिया जाएगा। इस तरह वह धीरे-धीरे इस दुनिया का अलविदा होगा। जीवन के अंतिम क्षणों में हरीश को कोई शारीरिक पीड़ा न हो इसके लिए एम्स के डॉक्टर पैलिएटिव केयर दे रहे। यह देश में इच्छामृत्यु का पहला मामला होगा।हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे हरीश उल्लेखनीय है कि 13 वर्ष पहले चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के कारण हरीश को गंभीर चोट लग गई थी। तब से वह कोमा में है। इतने वर्षों तक माता-पिता ने उनकी देखभाल की। उसे कृत्रिम पोषण के लिए पेट में ट्यूब ड...
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