हजारीबाग, मार्च 12 -- इचाक प्रतिनिधि इचाक के परासी गांव निवासी और आदर्श युवा संगठन के सक्रिय सदस्य सुनील वैद्य को अंगदान करने का प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। समाजसेवी सुनील वैद्य ने कहा कि मुझे इच्छा थी की जीवन काल में समाज सेवा करने के बाद भी समाज को कुछ लौटाया जाए। अब मृत्यु के बाद अंगदान करना चाहिए तभी मुझे संतुष्टि मिलेगी। जिसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार को आवेदन भेजा था।मंत्रालय ने मेरे आवेदन पर विचार करते हुए स्वेच्छा से अंगदान करने की अनुमति पत्र दिया है। जिससे किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला हो सके। मंत्रालय ने आवेदन को स्वीकार करते हुए ग्यारह मार्च को प्रमाणपत्र प्रदान किया है। जिससे मैं और मेरे परिवार के सदस्य खुशी महसूस कर रहे हैं। शरीर के जिस अंग को दान करने की इच्छा व्यक्त की है उनमें यकृत, गुर्दे, हृ...