बरेली, जुलाई 14 -- जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि रोजगार, नीति निर्माण, आपदा प्रबंधन व सतत विकास का भी बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसी आवश्यकता को देखते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2026 सत्र से एमएससी इन क्लाइमेट चेंज और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन क्लाइमेट चेंज पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इग्नू का दावा है कि जलवायु परिवर्तन पर इस तरह के पाठ्यक्रम शुरू करने वाला वह देश का पहला मुक्त विश्वविद्यालय है। बदलते मौसम, बढ़ती गर्मी, अनियमित वर्षा, जल संकट व प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों को समझने तथा उनके समाधान के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है। नए पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के साथ-साथ सरकारी, गैर-सरकारी एवं विकास क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों के लिए भी उपयोगी होंगे। एमएससी इन ...