हरिद्वार, अप्रैल 9 -- शहर में इको-सेंसिटिव रिवरफ्रंट डेवलपमेंट विषय पर गुरुवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के 14 शहरों के अधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान के टीम लीड लवलेश शर्मा ने शहरों में रिवरफ्रंट डेवलपमेंट की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की भौगोलिक विशेषताओं और समृद्ध नदी तंत्र के कारण यहां इको-सेंसिटिव विकास की संभावनाएं अधिक हैं। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तराखंड के मॉनिटरिंग विशेषज्ञ रोहित जियाड़ा ने कहा कि हरिद्वार सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ ही नदियों के साथ मानव के संबंध का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने प्रतिभागियों से सक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.