अलीगढ़, जुलाई 27 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। 27 जुलाई 1921 को इंसुलिन की खोज ने मधुमेह उपचार में नई क्रांति ला दी थी, लेकिन 105 वर्ष बाद यही इंसुलिन लाखों लोगों की दैनिक जरूरत बन चुकी है। अलीगढ़ सहित उत्तर प्रदेश में डायबिटीज के बढ़ते मामलों के साथ इंसुलिन पर निर्भर मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, मोटापा, तनाव और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण अब युवा भी इसकी जद में आ रहे हैं। विशेषज्ञ इसे सिर्फ दवा नहीं, समय रहते बचाव का गंभीर संदेश मान रहे हैं। इंसुलिन की खोज ने दुनिया भर में मधुमेह रोगियों को नया जीवन दिया था। आज यही इंसुलिन हजारों मरीजों के लिए रोजमर्रा की आवश्यकता बन चुकी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और स्थानीय चिकित्सा इकाइयों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में मधुमेह के मामलों में लगातार वृद्...