बेगुसराय, फरवरी 23 -- खोदावन्दपुर, निज प्रतिनिधि। अल्लाह रब्बुलइज्जत का कुरान में व उनके आखरी नबी हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का हदीस के जरिए हुक्म है कि, अपने पड़ोसी का हक अदा करना हर इंसान पर वाजिब है। चाहे वह पड़ोसी किसी भी जाति, धर्म, या नस्ल का क्यों न हो। सभी का हक बराबर है। अपने सभी पड़ोसियों का विशेष ध्यान रखें। कोई भी पड़ोसी भूखा न सोये इसका ख्याल रखें। ये बातें नुरूल्लाहपुर जामा मस्जिद के पूर्व इमाम मौलाना मोहम्मद मोइनुद्दीन साहब ने पांचवें रमजानुलमुबारक के मौके पर सोमवार को कहीं। पड़ोसी के साथ अच्छे बर्ताव का है हुक्म उन्होंने कहा कि पड़ोसी का मतलब घर के निकट रहने वाले लोग ही नहीं, बल्कि घर के चारों ओर के चालीस घरों में रहने वाले लोग पड़ोसी होते हैं। पड़ोसी के सुख-दुख में दूसरे पड़ोसी को शरीक होने का हुक्म है। हमेशा इस बात का ...
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