बलरामपुर, फरवरी 26 -- उतरौला, संवाददाता। मुक़द्दस रमज़ान का महीना इन दिनों अपनी पूरी रौनक के साथ जारी है। जिले के अकीदतमंदों ने आज आठवां रोज़ा रखा है। यह बरकतों और रहमतों का महीना माना जाता है, जिसमें अल्लाह तआला ने ईमान वालों पर रोज़े फ़र्ज़ किए हैं, ताकि वे तक़वा यानी परहेज़गारी अपनाकर अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्म के मुताबिक़ ढाल सकें। यह बातें नूरी मस्जिद के इमाम मौलाना साजिद रजा ने कही। मौलाना ने कहा कि रोज़ा इंसान को बुराइयों और गुनाहों से बचाने वाली एक मज़बूत ढाल है। उन्होंने बताया कि रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि अपने नफ़्स पर क़ाबू पाने, सब्र करने और आत्ममंथन का अभ्यास है। एक मुसलमान सुबह से शाम तक खाने-पीने और तमाम ख्वाहिशों से खुद को रोककर अपने रब की तामील करता है, जिससे उसके भीतर जिम्मेदारी और जवाबदेही का एह...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.