नई दिल्ली, फरवरी 18 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भले ही छोटे-मोटे कामों को ऑटोमेट कर दे, लेकिन यह इंसानों की उच्च स्तर की सोच, रचनात्मकता और निर्णायक क्षमता बढ़ाने की ओर ले जाएगा। उक्त बातें दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम लीडर्स टॉक में इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कही। उन्होंने कहा कि इंसान के दिमाग से बेहतर कुछ नहीं है। उन्होंने एआई को खतरे के बजाय एक वरदान बताया। उन्होंने कहा कि नई-नई चीजे सीखते रहने, दोबारा प्रशिक्षण लेने और सीखने की इच्छा बनाए रखने से इंसान का दिमाग लगातार और बेहतर होता जाता है। मूर्ति ने जोर देकर कहा कि बदलाव लगातार होता रहता है। एआई से चलने वाली दुनिया में युवाओं के लिए काम का बने रहने के लिए, बेहतर सीखने की क्षमता यानी ज्ञान हासिल करने और उसे अलग-अलग हालात में...