नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- नोट: कृप्या एचटी का लोगो लगाएं, ग्राफ के लिए एचटी देखें रोशन किशोर यह भी पढ़ें- दिल्ली में लगने जा रहा दिग्गजों का जमावड़ा, जिनपिंग से लेकर पुतिन तक, कौन-कौन आ रहा भारत? नई दिल्ली। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाला 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन एक बदलते वैश्विक दौर का प्रतीक है। जब 2009 में रूस में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ पहला सम्मेलन हुआ और 2010 में दक्षिण अफ्रीका जुड़ा, तब दुनिया आज से बिल्कुल अलग थी। शीत युद्ध खत्म हुए एक ही दशक बीता था और तेजी से बढ़ता वैश्वीकरण उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को विकसित देशों के करीब ला रहा था। ब्रिक्स का गठन इसी आर्थिक समानता के दौर में हुआ था, जो आज एक बड़े वैश्विक शक्ति केंद्र के रूप में उभर चुका है। आंकड़े बताते हैं कि ब्रिक्स देश जीडीपी भले ही आगे हैं, लेकिन प्रति व्...