इंफो::एआई के दौर में भारत में टैलेंट की कमी बनी बड़ी चुनौती
नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- नोट: कृप्या मिंट का लोगो लगाएं समीक्षा गोयल नई दिल्ली। कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर एआई अपनाने के कारण भारत में इस क्षेत्र के विशेष पेशेवरों की मांग और आपूर्ति के बीच 3.5 गुना से अधिक का अंतर आ गया है। रिपोर्टों के अनुसार, यही वजह है कि अब कॉरपोरेट जगत में वेतन का मुख्य आधार 'अनुभव' या 'पद' न होकर 'एआई विशेषज्ञता' बनती जा रही है। पेशेवरों की मांग और उपलब्धता में बड़ा अंतर पेशेवरों की संख्या और विशेष स्किल दोनों में कमी देश में कमी उपलब्ध पेशेवरों की कुल संख्या और कंपनियों द्वारा मांगी जा रही विशेष कुशलताओं, दोनों स्तरों पर है। बिनक्यूल का अनुमान है कि 2026 तक देश में 14 लाख एआई पेशेवरों की जरूरत होगी, जबकि फिलहाल सिर्फ चार लाख ही उपलब्ध हैं। टीमलीज की रिपोर्ट के अनुसार, डाटा इंजीनियरिंग और क्लाउड आर्किटेक्चर जैस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.