सीतापुर, जून 15 -- सीतापुर, संवाददाता। तरीनपुर स्थित ताड़कनाथ मंदिर परिसर में सोमवार को श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के सहयोग से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का हवन-पूजन के साथ समापन हुआ। कथाव्यास आचार्य अशोक अवस्थी महाराज ने अंतिम दिन श्रद्धालुओं से कहा कि निरंतर श्रीमद्भागवत सुनने या सुनाने से वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। उन्होंने सत्य की महिमा पर जोर देते हुए कहा कि यह शरीर यहीं छूट जाएगा, जीव के साथ केवल उसका धर्म ही जाएगा। भगवान नारायण ही सत्य हैं और सबसे बड़ा पुण्य भी सत्य ही है, जबकि असत्य सबसे बड़ा पाप है। महाराज ने बताया कि जो व्यक्ति इंद्रियों पर विजय पाकर शांत और समदर्शी हो जाता है, उसके लिए आकाश का एक-एक कोना आनंद से भर जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के अनुसार, जो स्वयं को ईश्वर को सौंप देता है, उसे स्वर्ग या मोक्ष की भी अभिलाषा नहीं रहती। जैस...