इंद्रियों और मन पर नियंत्रण रखना ही संयम धर्म
बांदा, सितम्बर 21 -- बांदा। पर्युषण पर्व के पांचवें दिन सोमवार को जैन समाज ने सुगंध दशमी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई। छोटी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर एवं जैन चैत्यालय जी में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर बाल ब्रह्मचारी पंडित नन्हें भइया ने उत्तम संयम धर्म की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि इंद्रियों और मन पर नियंत्रण रखना ही संयम का मूल भाव है। मनुष्य यदि अपनी इच्छाओं, क्रोध, लोभ, मोह और कषायों पर नियंत्रण रखे तो वह आत्मकल्याण की ओर बढ़ सकता है। संयम केवल बाहरी नियमों का पालन नहीं, बल्कि अपने विचार, वाणी और व्यवहार को मर्यादित रखने का मार्ग है। यह भी पढ़ें- सूरत से आए पंडित ने उतम संयम का महत्व बताया जैन समाज में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना कर सुगंधित द्रव्यों से धार्मिक विधान संपन्न किए। भगवान ...
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