इंदौर में निजी बोरिंग पर रोक; नियम तोड़ा तो जेल, शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों पर लागू
इंदौर, अक्टूबर 27 -- लगातार गिरते भूजल स्तर के बीच इंदौर में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इंदौर के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने इंदौर जिले के संपूर्ण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए निजी नलकूप खनन के साथ प्राइवेट बोरिंग यानी नए प्राइवेट बोरवेल के खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। यह आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। अब प्रतिबंध का उल्लंघन कर अवैध रूप से बोरिंग कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनकी मशीनें भी जब्त की जा सकेंगी।गिरते भूजल स्तर के कारण लिया फैसला इंदौर जिला प्रशासन के अनुसार, इस साल इंदौर जिले में औसत से काफी कम बारिश हुई है। इसके साथ ही भूजल स्रोतों का अत्यधिक दोहन होने से पेयजल स्रोतों और भूजल का स्तर तेजी से गिर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.