नई दिल्ली, जनवरी 11 -- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल त्रासदी के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि नागरिकों को साफ और सुरक्षित पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी शहरी प्रशासन की है। सीएम ने इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी सूरत में दूषित पानी की सप्लाई न हो। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से डायरिया फैलने के बाद सात लोगों की मौत के हो गई थी। सीएम ने शनिवार को शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में एक साथ 'स्वच्छ जल अभियान' शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पीने के पानी की क्वालिटी की रेगुलर जांच होनी चाहिए और अगर उसमें गंदगी पाई जाती है, तो तुरंत वैकल्पिक इंतजाम किए जाने चाहिए। यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन इसे गंभीरता से लेना होगा ताकि मध्य प्रदेश के देश के लिए एक मिसाल पेश कर सके।जिम्मेजारी निभाए अधिकार...
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