महाराजगंज, अप्रैल 21 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत-नेपाल की 84 किमी लंबी खुली सीमा नशा माफियाओं के लिए ट्रांजिट पॉइंट बन गई है। हाल की बरामदगी व गिरफ्तारियों ने साफ कर दिया है कि तस्करों का जाल गहरा है। पकड़े गए आरोपितों में गोरखपुर के निवासी से लेकर बिहार के डी-फार्मा के छात्र तक शामिल हैं। ये तस्कर स्थानीय नेटवर्क के सहारे गोरखपुर के केंद्रों से दवाएं जुटाकर नेपाल के बाजारों तक पहुंचा रहे हैं।तस्करों से बरामद डायजीपाम व ब्रुफेन जैसे इंजेक्शन सामान्यतः चिकित्सा सलाह पर दिए जाते हैं। लेकिन माफिया इन दवाओं का मिश्रण तैयार कर इसे कॉकटेल ड्रग के रूप में बेच रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस मिश्रण के सेवन से व्यक्ति तुरंत गहरे नशे में चला जाता है। इसके नियमित उपयोग से शरीर के अंगों के फेल होने का गंभीर जोखिम रहता है।बेरोजगारों क...