लखनऊ, अगस्त 16 -- यूपी में इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजनाओं को जल्द पूरा करने का रास्ता साफ होने जा रहा है। इन योजनाओं को पूरा कराने के लिए ग्राम समाज की ली गई भूमि के बारे में शासन ने जानकारी मांगी है। विकास प्राधिकरणों से पूछा गया है कि लाइसेंस लेने वाले बिल्डरों द्वारा परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए ग्राम समाज की कितनी भूमि ली गई। शासन ने इस संबंध में जल्द ही पूरी जानकारी देने को कहा है।

इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति का इतिहास राज्य सरकार वर्ष 2005 में इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति लेकर आई थी। इसमें वर्ष 2014 में संशोधन किया गया। गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, आगरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, प्रयागराज और मेरठ में इस योजना के तहत बिल्डरों को टाउनशिप बसाने का लाइसेंस दिया गया है। इसके बाद भी बिल्डरों द्वारा पूरी तरह से टाउनशिप नहीं बसाई जा सकी है। ...