नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- IFS Apala Mishra success story : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में हर साल करीब 9 से 10 लाख अभ्यर्थी बैठते हैं। लेकिन सिर्फ 800 से 900 लोगों का ही चयन हो पाता है। चयनितों में बहुत से अभ्यर्थी ऐसे होते हैं जो आईएएस अफसर बनने का ख्वाब लेकर फिर से यूपीएससी परीक्षा में बैठते हैं। यूपीएससी में टॉप रैंक लाने वाले अभ्यर्थियों को ही आईएएस मिलता है। आमतौर पर अभ्यर्थियों की पसंद भी आईएएस ही होता है। लेकिन यहां उस उम्मीदवार की बात हो रही है जिसने यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम में शानदार रैंक आने के बावजूद आईएएस (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज) छोड़ आईएफएस (इंडियन फॉरेन सर्विसेज) चुना। मूल रूप से यूपी के बस्ती जिले की रहने वाली अपाला मिश्रा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में 9वीं रैंक हासिल की लेकिन उन्होंने परंपरा से हटक...