प्रयागराज, मार्च 24 -- प्रयागराज। जिले के शीत गृह में सोमवार को हादसा होने के बाद प्रशासनिक लापरवाही की परतें भी खुलने लगी हैं। शीत गृह को लाइसेंस जारी करने के पहले कोई विभागीय निरीक्षण नहीं किया जाता है। बस इंजीनियर की रिपोर्ट को आधार मान लिया जाता है और जिला उद्यान विभाग लाइसेंस जारी कर देता है। नियमानुसार जिला उद्यान अधिकारी को लाइसेंस जारी करने से पहले एक बार खुद भी भौतिक सत्यापन करना चाहिए। लेकिन इसकी जहमत अफसर नहीं उठाते हैं। फाफामऊ में शीत गृह हादसे के अगले दिन मंगलवार सुबह जिला उद्यान अधिकारी ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को इसकी रिपोर्ट दी तो यह जानकारी हुई है। डीएम ने अफसरों को निर्देश दिया है कि इंजीनियर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिया जाता है।

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