मुख्य संवाददाता, अप्रैल 12 -- यूपी के आगरा में बीटेक छात्र धनंजय तिवारी की खुदकुशी के मामले में चार साल बाद नया मोड़ आया है। पुलिस ने खुदकुशी को दुष्प्रेरित करने के आरोप में जिन्हें क्लीनचिट दी थी कोर्ट ने उन्हें आरोपित मानते हुए तलब किया है। बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए पिछले चार साल से उसके पिता जंग लड़ रहे थे। पुलिस ने पहली चार्जशीट में सुसाइड नोट का उल्लेख तक नहीं किया था। मामूली मारपीट की धारा में चार्जशीट लगा दी थी। कई बार विवेचना हुई। विवेचक पुरानी चार्जशीट का समर्थन करते रहे। जब किसी ने न सुनी तो कोर्ट ने प्रगति आख्या मांगी। आठ अप्रैल 2022 की रात बीटेक छात्र धनंजय तिवारी ने फांसी लगाकर खुदकुशी की थी। नौ अप्रैल की सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई। परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें धनंजय ने अपनी मौत का जिम...
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