प्रमुख संवाददाता, फरवरी 21 -- इंजीनियरिंग, वकालत, बीफार्मा आदि की फर्जी डिग्री बनाने के मामले की जांच अब एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) करेगी। 14 सदस्यीय टीम पुराने मामलों को भी शामिल कर प्रकरण की जांच करेगी। किदवईनगर पुलिस ने गुरुवार को सरगना समेत चार आरोपियों को पकड़ा था। यह गिरोह वर्ष 2012 से इस काम में सक्रिय था। गोशाला चौराहा की मुख्य सड़क पर शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन का बोर्ड लगाकर अनपढ़ों को डिग्री होल्डर बनाया जा रहा था। हैरान करने वाली बात है पिछले 14 वर्षों में पुलिस को इनकी भनक तक नहीं लगी। डिग्री बनाने वाले इस दौरान कभी पकड़े भी नहीं गए। किदवईनगर पुलिस का कहना है कि आरोपियों पर एक भी मुकदमा नहीं है। ऐसे में सवाल लाजिमी है कि कहीं पुलिस की सरपरस्ती में पूरा धंधा तो नहीं चल रहा था। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल भी वार्ता के दौरान लंबे स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.