मैनपुरी, जुलाई 8 -- मानसून आने के साथ ही सब्जी फसलों के मूल्यों में वृद्धि तेज होती है। लेकिन अधिक वर्षा, जलभराव, अधिक नमी तथा कीट एवं रोगों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। यदि किसान समय रहते उचित प्रबंधन अपनाएं तो फसल को नुकसान से बचाकर बेहतर उत्पादन एवं गुणवत्तापूर्ण उपज प्राप्त कर सकते हैं। केवीके के (पौध सुरक्षा) वैज्ञानिक डॉ. विकास कुमार यादव ने बताया कि वर्षा के मौसम में खेत में जलभराव बिल्कुल न होने दें। अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए उचित नालियों की व्यवस्था करें। क्योंकि लंबे समय तक पानी भरा रहने से जड़ सड़न, तना गलन एवं अन्य फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है। यह भी पढ़ें- कृषि वैज्ञानिकों ने जुलाई माह में सुझाई बागवानी कार्ययोजना उन्होंने किसानों को सलाह दी कि टमाटर, मिर्च, बैंगन, भिंडी, लौकी, तोरई, करेला तथा अन्य सब्जी फसलों की न...