सहारनपुर, दिसम्बर 10 -- पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत निर्मित भव्य काशी नगरी में आयोजित छ: दिवसीय मांगलिक कार्यक्रम के पंचम दिवस पर प्रभु के ज्ञान कल्याणक महोत्सव का पावन आयोजन हुआ। इस अवसर पर विशाल संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को जितनी जीवन-व्यवस्था के लिए आवश्यकता हो, उतना ही सात्विक एवं शुद्ध आहार ग्रहण करना चाहिए। आहार की पवित्रता से ही मन की शांति और स्थिरता संभव है। उन्होंने कहा कि भोजन ग्रहण करते समय मोबाइल, अशांतिपूर्ण प्रसंगों व हिंसात्मक दृश्यों से दूर रहना चाहिए। ऐसा करने से मन में विकार उत्पन्न होते हैं, जो आगे चलकर गंभीर रोगों का कारण बन सकते हैं। तामसी एवं अशुद्ध भोजन मनुष्य में हिंसा, झूठ, चोरी और कदाचार जैसी प्रवृत्तियों को जन्म देता है। इसलिए भोजन से पूर...
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