आस्था की 105 किलोमीटर लंबी डगर के दौरान श्रावणी मेले में सेवा और श्रद्धा का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन जाता है बांका जिला
बांका, जुलाई 19 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी आस्था, तपस्या और सेवा की जीवंत परंपरा है। प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की नंगे पैर पैदल यात्रा करते हुए झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर पहुंचते हैं और द्वादशज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथधाम पहुँचकर वहां मौजूद शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। हालांकि, इस क्षेत्र के लिए गौरव की बात यह है कि, यह यात्रा भारत की सबसे बड़ी पैदल धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। वहीं पौराणिक मान्यता के अनुसार, लंकापति रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। जिसके बाद प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे ज्योतिर्लिंग ...
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