शाहजहांपुर, मार्च 3 -- शाहजहांपुर, संवाददाता। होली से एक दिन पहले होलिका दहन की परंपरा निभाई जाती है। शाहजहांपुर जनपद में इस बार कुछ स्थानों पर सोमवार देर रात होलिका जलाई गई, जबकि अधिकांश मोहल्लों और गांवों में मंगलवार देर रात होलिका दहन किया गया। विधि-विधान के साथ पूजा कर लोगों ने अग्नि प्रज्ज्वलित की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। होलिका दहन की परंपरा पौराणिक कथा से जुड़ी मानी जाती है। मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की भक्ति से क्रोधित राजा हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया था कि वह प्रह्लाद को अग्नि में लेकर बैठे। कहा जाता है कि होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान था, लेकिन अहंकार और छल के कारण वह स्वयं अग्नि में भस्म हो गई, जबकि प्रह्लाद सुरक्षित रहे। इसी घटना को असत्य पर सत्य और अहंकार पर भक्ति की विजय के प्रतीक के रूप म...