नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 3 अगस्त के उसके आदेश का पालन करे और दुष्कर्म के दोषी आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा करे। न्यायमूर्ति नूपुर भाटी और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की पीठ ने सोमवार को सरकार से उसकी रिहाई पर रिपोर्ट भी मांगी। पीठ ने कहा कि किसी दूसरे राज्य में दोषी ठहराए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसे राजस्थान हाईकोर्ट से मिली पैरोल नहीं मिल सकती। सुनवाई के दौरान, अतिरिक्त एडवोकेट जनरल बी.एल. भाटी ने कोर्ट को बताया कि आसाराम को गुजरात की एक अदालत ने भी दोषी ठहराया था। भाटी ने तर्क दिया कि नियम 14(ए) के तहत, उसे पैरोल के लिए गुजरात हाईकोर्ट जाना चाहिए था, खासकर इसलिए क्योंकि वहां उसकी इमरजेंसी पैरोल की अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी थी।

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