फतेहपुर, अप्रैल 22 -- फतेहपुर। दिनों दिन तापमान बढ़ने के साथ ही दोआबा में मिट्टी से बनने वाले मटकों (देशी फ्रिज) की मांग में भी उछाल आया है। दरअसल लोग स्वास्थ्य और सेहत के प्रति खासे अलर्ट दिखाई दे रहे हैं जिससे फ्रिज के ठंडे पानी को दरकिनार कर प्राकृतिक ठंडे पानी को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि मटके व मटकी की बढ़ी मांग के बावजूद माटी कला के कारीगरों को मिट्टी की चिंता सता रही है। राधानगर निवासी राजन ने बताया कि मटके का पानी पीने से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता है जिससे इसको प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं पीरनपुर निवासी खुर्शीद आलम ने बताया कि फ्रिज गत वर्ष से महंगा होने के कारण इसकी खरीद नहीं की गई बल्कि इसकी अपेक्षा काफी सस्ता पड़ने वाले मटके को प्राथमिकता दी जा रही है।कारीगर यह भी पढ़ें- दादी-नानी का ठंडक वाला खजाना: गोंद कतीरा...
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