लातेहार, अप्रैल 10 -- बेतला, प्रतिनिधि। आसन्न जलसंकट को लेकर वन-प्रबंधन पूरी तरह गंभीर है।गर्मी में जंगली जानवरों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़े, इसके लिए वन-प्रबंधन प्राकृतिक जल स्त्रोतों को विकसित करने के लिए प्रयासरत है। ये बातें रेंजर उमेश कुमार दूबे ने कही। उन्होंने जानवरों के समक्ष फिलहाल किसी भी तरह की पानी की समस्या होने की बात से सीधा इनकार करते हुए कहा कि बीते वर्ष हुई अच्छी बारिश की वजह से प्राकृतिक जल स्त्रोतों में पानी का स्तर अभी पूरी तरह अनुकूल है।वनकर्मी हरेक दिन जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं।वहीं सोलर सिस्टम के जरिये जानवरों के लिए टबों में जलापूर्ति जारी है। इसके बावजूद संभावित जलसंकट से निबटने को लेकर वन-प्रबंधन पूरी तरह चौकस और तत्पर है। जरुरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकर द्वारा कृत्रिम टबों में पानी...
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