कुशीनगर, जुलाई 28 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। भगवान बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में गुरू पूर्णिमा पर विशेष कार्यक्रम होता है। बताया जाता है कि गुरू पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में पहली बार शिष्यों को उपदेश दिया था। इसके अलावा गुरू पूर्णिमा पर बौद्ध भिक्षुओं का वर्षावास प्रारंभ होता है, जो एक कठिन ध्यान साधना है। यह भी पढ़ें- गुरु पूर्णिमा पूजा कैसे करें, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्वकार्यक्रम का विवरण भंते नंदरतन ने बताया कि आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद सारनाथ में अपने प्रिय शिष्यों पंचवर्गीय ब्राह्मणों को पहला उपदेश धम्मचक्कपवत्तन सुत्त दिया था। इस लिए पूरी दुनिया इसे गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाती है। बताया कि इस दिन से ही बौद्ध भिक्षुओं का वर्षावास की शुरुआत होती है, जो अश्विन पूर्णि...