गंगापार, जून 30 -- बाबूगंज, हिन्दुस्तान संवाद। ज्येष्ठ माह तो तपिश और उमस में बीता ही आषाढ़ में भी गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बारिश का कुछ अता पता नहीं है। नहरों में धूल उड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें स्वाभाविक है। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई का समय नजदीक है, अब तो धान की नर्सरी भी पानी के अभाव में सूखने लगी है।

किसानों की चिंता बाबूगंज क्षेत्र के किसान बीस जून के बाद से ही मानसून का इंतजार कर रहे हैं। किसान सरबजीत पटेल, बिजली पटेल, बेचू लाल पटेल, मोहम्मद सलीम, कमलेश कुमार, संदीप यादव, अमित यादव, रामअवध, नागेन्द्र उपाध्याय, रामचंद्र पटेल, गुलाब यादव आदि ने बताया कि ट्यूबेल वाले किसानो ने समय पर धान की नर्सरी तैयार कर ली है। जिनके पास संसाधन नहीं है, उनकी नर्सरी शुरुआती दिनों में कुछ नमी ह...