गिरडीह, जून 30 -- बेंगाबाद, प्रतिनिधि। आषाढ मास की दस्तक के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था और भक्ति की बयार बहने लगी है। खेती-बारी शुरू होने से पहले अच्छी फसल, सुख-शांति और आपदाओं से रक्षा की कामना को लेकर गांव-गांव में वार्षिक आषाढ़ी पूजनोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश गांवों में मंगलवार को आषाढ़ी वार्षिक पूजनोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके एक दिन पूर्व सोमवार को गांव की महिलाएं पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ नंगे पांव, उपवास रखकर भिक्षाटन के लिए निकलीं। सार्वजनिक दुर्गा मंदिर से ढोल-बाजे के साथ डलिया निकाली जाती है। दर्जनों महिलाएं तपती धूप में नंगे पांव गांव-गांव भ्रमण कर भिक्षाटन करती हैं। यह भी पढ़ें- गोबरछ में मां काली को रक्तविहीन दी गई भेड़ की बलि भिक्षाटन से एकत्र अनाज या राशि स...