घाटशिला, अप्रैल 8 -- गालूडीह। सबर बस्ती के सबर आज भी नरकीय जीवन जीने को मजबुर है। आज भी वह टापु में रह रहे हैं उसके घर से निकल कर मुख्य सड़क जाने के लिए सड़क नहीं है खेतों के बीचों-बीच तो बरसात में हीड़ में होकर जाते हैं ।उसके बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र नसीब नहीं जिसके चलते पढ़ाई नहीं हो पा रही है ना ही पोष्टिक आहार ही मिल पा रहा है।केन्द है तो 1 किलोमीटर दूर है।अपनी व्यवस्था अधिकारीयों और जनप्रतिनिधियों को बताया तो मात्र आश्वासन मिला।हम बात कर रहे हैं जोड़सा पंचायत के धोबोडांगा सबर बस्ती का जहां के सबर आज भी टापु पर रह रहे हैं। बरसात में जब चारों तरफ खेती और पानी भर जाता है तो सबर बस्ती टापु बन जाती है। यहां के सबर खेतों के हीड़ के सहारे बरसात में आना जाना करते हैं।सबरों ने मुख्य सड़क की मांग को लेकर 2 बार नरसिंहपुर मुख्य सड़क के बगालगोड...