अररिया, दिसम्बर 9 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। फारबिसगंज काली मेला रोड स्थित आश्रय स्थल की हालत काग़ज़ पर निराश्रयों का सहारा और धरातल पर पुलिस बलों का डेरा जैसी हो गई है। यह आश्रय स्थल उन निरीह, बेघर और निराश्रित लोगों के लिए बनाया गया था जिनके पास ठहरने के लिए कोई जगह नहीं है, मगर पिछले विधानसभा चुनाव से पहले से ही यहां सुरक्षा बलों का कब्ज़ा है। नगर परिषद प्रशासन की कई चिट्ठियों और विभागीय आदेशों के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कागज़ी दस्तावेज़ बताते हैं कि यहां प्रबंधक पूनम कुमारी, तीन महिला केयरटेकर-नीलम देवी, अंजू देवी, लता देवी-और एक सफाईकर्मी तैनात हैं, पर वास्तविकता यह है कि यहां निराश्रितों का ठहरना लगभग नाममात्र है। वर्तमान में यहां दो-तीन लोग रुके मिले, जिनमें सरकारी शिक्षक अनिल कुमार और दो अन्य यात्री शामिल हैं, जिन्हें ...