मुंगेर, अप्रैल 4 -- मुंगेर, एक संवाददाता। एक ओर सरकार वृद्धों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मुंगेर में बुजुर्गों को उनके आश्रय से हटाए जाने की घटना ने पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंगेर में शादीपुर स्थित नगर निगम द्वारा संचालित वृद्ध आश्रम, जो बेघर और असहाय बुजुर्गों का अंतिम सहारा बना था, अब एक प्रशासनिक आदेश के कारण बंद हो चुका है। दरअसल, बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना का संचालन 31 मार्च 2026 के बाद नगर निकायों द्वारा बंद कर दिया गया है। अब इन आश्रमों की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को सौंप दी गई है। आदेश में यह भी कहा गया है कि, आश्रम में रह रहे वृद्धजनों को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थानों में स्थानांतरित किया जाए।जमीनी हकीकत आदे...
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