लातेहार, मार्च 13 -- बेतला, प्रतिनिधि। अपने आशियाना के उजड़ने से जंगली हाथी इनदिनों अधिक हमलावर हो गए हैं और किसानों के खेत में लगी फसलों तथा मानव बस्तियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि आए दिन लोगों को हाथी के हमले में जहां अपनी जान गंवानी पड़ रही है तो कितने को गृह-विहीन होना पड़ रहा है।ये बातें मुंबई के वन्यजीव विशेषज्ञ इस्तेयाक पटेल ने शुक्रवार को बेतला में कही। उन्होंने गज-मानव द्वंद्व पर अंकुश लगाने के लिए हाथियों के परंपरागत कोरिडोर में बड़े पैमाने पर बांस रोपण करने की जरूरत बताई।यहां बता दें कि गतदिनों हाथी के हमले में इसवर्ष पीटीआर एरिया के करीब एक दर्जन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है तथा कई अबतक घायल और ईलाजरत हैं।वहीं जंगली हाथियों ने करीब तीन दर्जन से अधिक किसानों के खेत में लगी रबी की फसलों को क्षति पहु...