आशा भोसले का अंतिम सफर, शान और अनूप जलोटा ने सुरों की मल्लिका को दी ऐसी श्रद्धांजलि, नम हो गईं सबकी आंखें
नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- सुरों की मल्लिका कही जानें वालीं गायिका आशा भोसले पंचतत्व में विलीन हो गई हैं। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान और नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार की रस्में आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने पूरी कीं। अपनी मां को मुखाग्नि देते हुए आनंद टूट गए। वहीं आशा भोसले की पोती जेनाई अपनी दादी के बिछड़ने के गम में सुध-बुध खो बैठी थीं। बहन उषा मंगेशकर भी अपनी बड़ी बहन को अंतिम बार निहारने श्मशान पहुंचीं, जहां उनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।सुरों के जरिए दी गई आखिरी सलामी शोक की इस घड़ी में माहौल तब और भी गमगीन हो गया जब सिंगर अनूप जलोटा ने नम आंखों से 'उड़ जाएगा हंस अकेला' के स्वर छेड़े। वहीं शान ने उनका प्रसिद्ध गीत 'प्यार के मोड़ पर' और 'अभी न जाओ छोड़कर..' गुनगुनाकर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि दी। यह भी...
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