अलीगढ़, अप्रैल 12 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। महान पार्श्व गायिका आशा भौंसले का रविवार को मुंबई में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से अलीगढ़ में गीतों के प्रशंसक शोक में डूब गए। अलीगढ़ की प्रतिभाओं में शामिल भारतभूषण, संगीतकार रविन्द्र जैन, महाकवि गोपालदास नीरज से आशाजी का गहरा जुड़ाव रहा। प्रशंसक अनिल वर्मा बताते हैं कि रॉयल सिनेमा में भारतभूषण व मधुबाला अभिनीत फिल्म फाल्गुन लगी थी तो इस फिल्म के गाने इक परदेशी मेरा दिल ले गया पर सिनेमा में मौजूद दर्शक नाचने लगे थे। आशाजी ने महाकवि पद्मभूषण गोपालदास नीरज द्वारा उनकी प्रथम फिल्म नई उमर की नई फसल का फीमेल वर्जन में लिखा मधुर गीत आजा की रात बड़ी शोख बड़ी नटखट है को आशाजी ने ही स्वर दिया था। 1971 में आई लाल पत्थर फिल्म का गीत सूनी सूनी सांसों के सितार पर गीत नीरजजी ने लिखा था और आशा भोंसले ...
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